गायत्री मंत्र का निषेध का श्रुति प्रमाण

सावित्रीं लक्ष्मीं यजुः प्रणवं यदि जानीयात् स्त्री शूद्रः स मृतोऽधो गच्छति तस्मात्सर्वदा नाचष्टे यदाचष्टे स आचार्यस्तेनैव स मृतोऽधो गच्छति ॥7॥ गायत्री (सावित्री) मंत्र, लक्ष्मी मंत्र, यजुस, और प्रणव मंत्र को यदि स्त्री या शूद्र जान ले, तब तो उसका मरण और अध:पतन ही होगा। इसलिए आचार्य को उनके आगे इन मन्त्रों का उच्चारण नहीं करना चाहिए। अगर आचार्य उनके आगे बोलेगा तो उसका मरण और अध:पतन होगा। (नृसिंहपूर्वतापिनोपनिषत)

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