राम जी ने सीता जी का त्याग क्यों किया ?
#प्रश्न : राम जी ने सीता जी का त्याग क्यों किया ? और इस प्रसंग के कारण आर्य समाजी उत्तर कांड को प्रक्षेप कहते हैं । कुछ मानसिक रोगी श्री प्रभु के चरिचत्र पर प्रश्न उठाने का दुःसाहस करते हैं । 😠😠😠😠😠😠😠😠 #उत्तर : सब से पहले तो हमें यह ज्ञात होना चाहिए कि राम और सीता में सर्वदा अभेद है यदि कोई राम और सीता को अलग समझता है तो यह उसका अज्ञानता मात्र ही है । जेहिं यह कथा सुनी नहिं होई। जनि आचरजु करै सुनि सोई॥ कथा अलौकिक सुनहिं जे ग्यानी। नहिं आचरजु करहिं अस जानी॥ रामकथा कै मिति जग नाहीं। असि प्रतीति तिन्ह के मन माहीं॥ नाना भाँति राम अवतारा। रामायन सत कोटि अपारा॥ जिसने यह कथा पहले न सुनी हो, वह इसे सुनकर आश्चर्य न करे। जो ज्ञानी इस विचित्र कथा को सुनते हैं, वे यह जानकर आश्चर्य नहीं करते कि संसार में रामकथा की कोई सीमा नहीं है। उनके मन में ऐसा विश्वास रहता है। नाना प्रकार से राम के अवतार हुए हैं और सौ करोड़ तथा अपार रामायणें हैं। वाल्मीकि कृत आर्ष रामायण के उत्तर कांड में यह कथा वर्णित...