ब्राह्मण के बारे मे निराधार बाते
ब्राह्मणो के बारे में फैलाई गई निराधार बातें —
1) एक तरफ तो कई लोग कहते है कि ब्राह्मण इतना बङा जातिवादी है कि दुसरे के घर का पानी नही पीता और अगले ही पल वो कहते है कि ब्राह्मण हमारे घर की खीर खा जाता है आखिर ये दोनो बाते कैसे संभव है कि ब्राह्मण तुम्हारे घर का पानी भी नही पीता और खीर भी खा जाता है..??
2)एक तरफ तो कहेगे कि ब्राह्मण भीख मांग कर खाने वाली जाति है और दुसरी तरफ कहते है कि ब्राह्मणो ने हमारा शोषण कर लिया….भला ये कैसे संभव है कि एक भीख मांगने वाला किसी का शोषण कर ले… ???
3)एक तरफ तो ब्राह्मण को पांखङी कहते है और दुसरी तरफ कहते है कि सबसे ज्यादा वामपंथी भी इसी जाति मे है।
4)एक तरफ कहेगे कि ब्राह्मण कायर व डरपोक कौम है और दुसरी तरफ कहेगे कि इन्होने हमारा शोषण कर लिया आखिर एक कायर व डरपोक आदमी दुसरे का शोषण कैसे कर सकता है,, जब ब्राह्मण सबका शोषण कर रहा था बांकी स्वघोषित शक्तिशाली जाति के लोग आखिर अपना शोषण कैसे करवा रहे थे… ?????
5)एक तरफ कहेगे कि ब्राह्मणो ने हमे मंदिरो मे जाने नही दिया और दुसरी तरफ कहेगे कि ब्राह्मण मंदिर मे बुलाकर लुट लेता है…एक बात तय कर लो कि तुम्हे मंदिर मे जाने ही नही दिया गया या फिर तुमसे मंदिर मे बुलाकर दान लिया गया है…क्योकि दोनो बाते एक साथ संभव नही है।
कुल मिलाकर बात ये हैं की कुछ लोग ब्राह्मणो से इतनी बुरी तरह चिढते है कि बिना सर पैर की बातें करते है, किसी के भी द्वारा सुनाई गई मनगढंत कहानिओ को सच मानकर ब्राह्मणो को नीचा दिखाने की भरपूर कोशिश करते है,, ये लोग सोचते है कि ब्राह्मणो को निष्क्रिय करके ये आंगे बढ जाएगें तो ये इनकी सबसे बढी भूल है क्योकि ब्राह्मण इस धरा की धूरी है जिसके बगैर ये अपने कदम तक नही बढा सकते है,, इसीलिए तो ईश्वर तक ने ब्राह्मणो का मान-सम्मान किया है ।
1) एक तरफ तो कई लोग कहते है कि ब्राह्मण इतना बङा जातिवादी है कि दुसरे के घर का पानी नही पीता और अगले ही पल वो कहते है कि ब्राह्मण हमारे घर की खीर खा जाता है आखिर ये दोनो बाते कैसे संभव है कि ब्राह्मण तुम्हारे घर का पानी भी नही पीता और खीर भी खा जाता है..??
2)एक तरफ तो कहेगे कि ब्राह्मण भीख मांग कर खाने वाली जाति है और दुसरी तरफ कहते है कि ब्राह्मणो ने हमारा शोषण कर लिया….भला ये कैसे संभव है कि एक भीख मांगने वाला किसी का शोषण कर ले… ???
3)एक तरफ तो ब्राह्मण को पांखङी कहते है और दुसरी तरफ कहते है कि सबसे ज्यादा वामपंथी भी इसी जाति मे है।
4)एक तरफ कहेगे कि ब्राह्मण कायर व डरपोक कौम है और दुसरी तरफ कहेगे कि इन्होने हमारा शोषण कर लिया आखिर एक कायर व डरपोक आदमी दुसरे का शोषण कैसे कर सकता है,, जब ब्राह्मण सबका शोषण कर रहा था बांकी स्वघोषित शक्तिशाली जाति के लोग आखिर अपना शोषण कैसे करवा रहे थे… ?????
5)एक तरफ कहेगे कि ब्राह्मणो ने हमे मंदिरो मे जाने नही दिया और दुसरी तरफ कहेगे कि ब्राह्मण मंदिर मे बुलाकर लुट लेता है…एक बात तय कर लो कि तुम्हे मंदिर मे जाने ही नही दिया गया या फिर तुमसे मंदिर मे बुलाकर दान लिया गया है…क्योकि दोनो बाते एक साथ संभव नही है।
कुल मिलाकर बात ये हैं की कुछ लोग ब्राह्मणो से इतनी बुरी तरह चिढते है कि बिना सर पैर की बातें करते है, किसी के भी द्वारा सुनाई गई मनगढंत कहानिओ को सच मानकर ब्राह्मणो को नीचा दिखाने की भरपूर कोशिश करते है,, ये लोग सोचते है कि ब्राह्मणो को निष्क्रिय करके ये आंगे बढ जाएगें तो ये इनकी सबसे बढी भूल है क्योकि ब्राह्मण इस धरा की धूरी है जिसके बगैर ये अपने कदम तक नही बढा सकते है,, इसीलिए तो ईश्वर तक ने ब्राह्मणो का मान-सम्मान किया है ।
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