द्धिजो को प्याज लसुन का निषेध

प्याज लहसुन न खाऐं

प्याज  -लहसून  से  बचिये   -
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प्याज  और  लहसून  खाना    पाप है ।  जो  प्याज  व  लहसून  खाता  है  ,  उसमें  राक्षसी  वृत्तियाँ  उदय  होती  हैं  ,   वह   ईश्वर  की  आज्ञा  स्वरूप   शास्त्रों  के   विरुद्ध  चलने  के  कारण  नरक  जाता  है ,    उसका  आध्यात्मिक  विकास  बाधित  हो  जाता है  और  यह  नियम  है  कि  मानव  का  अध्यात्म  अवरोधित  होने  पर  उस प्राणी को  जन्म -मृत्यु  के  घोर   चक्रव्यूह (८४ लाख योनि प्रधान)  में  भटकना  पड़ता  है  । 
ब्राह्मण  ,  क्षत्रिय  अथवा  वैश्य  को   इसे  खाने    का  पाप  करने  पर   #चान्द्रायण  व्रत का  प्रायश्चित्त   करने  से  शुद्धि  होती  है  ।
     ...............  अतः   अपना  आत्मकल्याण  चाहने  वाले  धार्मिक  को  कभी  भूल     कर  भी  कभी  प्याज - लहसून  नहीं  खाना  चाहिए  ।
लशुनं गृञ्जनं चैव पलाण्डुं कवकानि च   ।
अभक्ष्याणि द्विजातीनाम् अमेध्यप्रभवानि च  ।।  [ श्रीमनुस्मृतिः ५/५ ] 
पलाण्डुं लशुनं चैव  भुक्त्वा  चान्द्रायणं चरेत् ।   [ श्रीकूर्मपुराणम् ३३/१८]

।। जय  श्री  राम ।।

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