नामोच्चार से पार्थिव शिवलिंग पुजन

नामोच्चार से पार्थिव शिवलिंग पुजन कि विधि आवश्यक सामग्री शुद्ध मिट्टी गंगाजल देशी गौ माता का कच्चा दुग्ध कंकु अक्षत् चंदन धुप दीप नैवेध के लिए देशी गुड/सक्कर कपुर पुष्प तांबे के पात्र घंटी माचीस संकल्प :- दक्षिण हाथ मे जल लेकर संकल्प करे जल को जमीन पर छोड दे। अत्रार्ध महामांगल्य फलप्रद मासोत्तमे मासे (अमुक मास का नाम) मासे (अमुक पक्ष कृष्ण या शुक्ल) पक्षे (अमुक तिथि का नाम) शुभ पुण्य तिथौ (अमुक वार का नाम) वासरे (अमुक गोत्रोच्चार -कश्यप) गोत्रोत्पन्नस्य ( स्ववेद नाम उच्चार शुक्ल यजु) वेदान्तर्गत (स्वशाखा नाम उच्चार माध्यंदिनी) शाखाध्यायी (अमुक प्रवर काश्यप अावत्सार नैध्रुव ईति त्रि )प्रवरान्वितोऽहं, (अमुक -उपाध्याय ) अवटंकी अमुक महोदस्य आत्मजः/आत्मजा:/सहधर्मचारिणी(विवाहित स्त्री के लिए ) (अमुक नाम) शर्मा अहं ममोपात्त दुरीतक्षयार्थम् देवतापूजनादि अधिकार प्राप्ति अर्थं परमेश्वर प्रीत्यर्थं च मम् सर्व धर्मसहमत मनोकामनापुर्ति अर्थम् पार्थिवेश्वर महादेवस्य पुजनं अहं करीष्ये। सर्व प्रथम भगवान श्री गणेश का स्मरण अौर ध्यान करे पुष्प+अक्षत चढाते - श्री गणेशाय नमः श्री हराय नमः नामोच्चार करते करते शुद्ध मिट्टी ग्रहण करे। श्री महेश्वराय नमः नामोच्चार करते करते शिवलिंग निर्माण करे एवं उपर एक गोलीका निर्माण कर स्थापित करे। तत्पश्चात् मिट्टी से बनाए उस शिवलिंग को गोली सहित तांबा के पात्र मे स्थापित करे। प्रतिष्ठा दक्षिण हाथ मे अक्षत् अौर पुष्प लेकर श्री शंभवे नमः नामोच्चार सहित शिवलिंग पर चढाते हुए प्रतिष्ठा करे। आवह्न् दक्षिण हाथ मे अक्षत् अौर पुष्प लेकर श्री शुलपाणये नमः नामोच्चार सहित शिवलिंग पर चढाते हुए भगवान शिव का आवह्न करे। पश्चात् भगवान शिव कि पुजा प्रारंभ करे श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित कंकु से शिवलिंग को तिलक करे । श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित अक्षत् चढाए। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित चंदन चढाए। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित पुष्प चढाए। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित धुप करे। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित दीप करे। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित बिल्वपत्र चढाए। श्री पिनाकत्रशे नमः नामोच्चार सहित पुष्प से दुध अौर गंगाजल का अभिषेक करे। कपुर से आरती करे। चार बार भगवान के चरणो का ध्यान करते दो बार भगवान के नाभि का ध्यान करते एक बार भगवान के मुख का ध्यान करते आरती करे पश्चात् सात बार संपूर्ण शिवलिंग का ध्यान करते आरती करे श्री शिवाय नमः नामोच्चार करते रहे। श्री शिवाय नमः नामोच्चार सहित भगवान नैवेध मे गुड सक्कर आदि चढाए। भगवान कि क्षमा याचना के लिए दक्षिण हाथ मे अक्षत् पुष्प लेकर श्री पशुपतये नमः नामोच्चार सहित अक्षत् पुष्प शिवलिंग पर अर्पित करे। विसर्जन नदी मे या घर पर किसी जल पात्र मे श्री महादेवाय नमः नामोच्चार सहित शिवलिंग सहित समस्त पुजन सामग्री का विसर्जन करे। पश्चात् उस पुजन सामग्री को किसी स्वच्छ नदी मे प्रवाहित करे। शिवाय नमः

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